क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए चितकारा यूनिवर्सिटी में सी.एल.आई.एल. सेंटर का उद्घाटन

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पंजाबी व हिंदी पर जोर देगा कंटेंट लैंग्वेज इंटीग्रेटेड लर्निंग रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर
राजपुरा, 11 नवम्बर, 2017: क्षेत्रीय भाषाएं पंजाबी व हिंदी को बढ़ावा देने के लिए चितकारा यूनिवर्सिटी पंजाब ने अपनी तरह के पहले लेंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर - लेंग्वेज टाकीज द नेटिव वे को शुरु किया है। एन.सी.आर.टी. की डिपार्टमेंट आफ एजुकेशन की प्रोफेसर डाक्टर संध्या सिंह, मिनिस्ट्री आफ एजुकेशन यूनिवर्सिटी आफ रिसर्च इटली की सीनियर सलाहकार प्रोफेसर जिसेला लेंगे व चितकारा यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डाक्टर मधु चितकारा ने आज इस सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर डिपार्टमेंट आफ फारेन लेंग्वेज एंड लिटरेचर यूनिवर्सिटी आफ मिलान इटली के प्रोफेसर जियोवन्नी लेमारटिनो, डिपार्टमेंट आफ फारेन लेंग्वेजेस एंड लिटरेचर यूनिवर्सिटी आफ मिलान इटली के असिस्टेंट प्रोफेसर डाक्टर लुसियाना पेडराजनी व हैड आफ डिपार्टमेंट आफ लिंग्यूस्टिक एंड पंजाबी लेक्सिकोग्राफी पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला की डाक्टर सुमनप्रीत कौर भी उपस्थित थीं। इस संटर का उद्देश्य मातृभाषाओं को सिखाने के लिए नवीनतम तकनीकों को बढावा देना है। यह सेंटर स्थानीय कालेजों व स्कूलों के शिक्षकों को भी नई तकनीक को सिखाने में मदद करेगा। सीएलआईएल के इंडिया प्रोजेक्ट की कोआर्डिनेटर डाक्टर संगीता पंत ने बताया कि छात्रों के लिए मात्रभाषा पर मुख्य जोर देते हुए दो भाषाओं के ज्ञान पंजाबी व हिंदी को बढ़ाने में यह सेंटर मुख्य भूमिका निभाएगा।
अपने उद्घाटन के भाषण में डाक्टर संध्या ने बताया की किस तरह से भाषाएं लगातार खत्म हो रही है और कई देशों में तो यह बिल्कुल ख़त्म भी हो गई है। उन्होंने उन कदमों के बारे में जानकारी दी जो कि एन.सी.आर.ई.टी. ने क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने में उठाए हैं।
एक छात्र के रूप में अपने अनुभवों को साँझा करते हुए डाक्टर मधु चितकारा ने बताया कि किस तरह से लोगों से संपर्क बनाने के लिए बहुभाषीय ज्ञान जरूरी है। उन्होंने सी.एल.आई.एल. के इंडिया प्रोजेक्ट को चितकारा यूनिवर्सिटी की तरफ से पूरा सहयोग देने का वादा किया। इस प्रोजेक्ट को यूरोपियन यूनियन के इरेमस प्लस प्रोग्राम (यूरोपीय संघ द्वारा चलाये जा रहे शिक्षा के लिए कार्यक्रम ) की तरफ से वित्तीय मदद मिली है।
हैड आफ डिपार्टमेंट आफ लिंग्यूस्टिक एंड पंजाबी लेक्सिकोग्राफी पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला की डाक्टर सुमनप्रीत कौर ने पंजाब में पंजाबी के सामने आ रही चुनौतियों के बारे में विचार व्यक्त किए और उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी में मातृभाषाओं को बढावा देने के लिए चलाये जा रहे अभियान की तारीफ की। जिसेला लेंगे यूरोपियन यूनियन व भारत मे भाषाओं के बीच में तनाव के बारे में तुलना करते हुए विस्तार से जानकारी दी। प्रोफेसर जियोवन्नी लेमारटिनो व असिस्टेंट प्रोफेसर डाक्टर लुसियाना पेडराजनी ने भी उनके विचारों के साथ सहमति व्यक्त की। भाषा व कला के जरिये अपनी संस्कृति व हैरिटेज को संरक्षित करने के थीम पर आधारित एक अनोखी प्रदर्शनी “पंजाबी वेडा” का छात्रों ने आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने गतका, गिद्धा व भंगडा़ का भी शानदार परफारमेंस दिया जिसने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

Date: 
Saturday, November 11, 2017