पंजाब कांग्रेस द्वारा एम.सी. चुनावों के लिए उम्मीदवारों की तीन और सूचियां जारी

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पटियाला के लिए 25, जालंधर के लिए 79 और अमृतसर के लिए 80 उम्मीदवारों की घोषणा
चण्डीगढ़, 5 दिसंबर, 2017: पंजाब कांग्रेस ने सूबे में आगामी एम.सी चुनावों के लिए उम्मीदवारों की तीन और सूचियां जारी कर दीं हैं, जिनमें पटियाला से 25 और उम्मीदवार, जालंधर से 79 और अमृतसर से 80 उम्मीदवारों का ऐलान किया है।
पार्टी के एक प्रवक्ता के अनुसार आज 25 नामों का ऐलान करने के साथ अबतक पटियाला के 60 वार्डों के लिए 56 उम्मीदवारों का ऐलान किया जा चुका है और सिफऱ् 4 उम्मीदवारों का ऐलान करना बाकी है। इससे पहले पार्टी ने पटियाला से 31 उम्मीदवारों के नाम घोषित किये थे।
जालंधर से पार्टी ने 79 उम्मीदवारों के नाम जारी कर दिए हैं जिसके साथ सिफऱ् एक उम्मीदवार संबंधी फ़ैसला करना बाकी है। प्रवक्ता ने बताया कि जालंधर में दो मौजूदा सदस्यों को टिकट नहीं दी गई जिनमें जालंधर पश्चिमी क्षेत्र के डा. प्रदीप और बलदेव हैं। उनको अनुशासनहीनता के कारण टिकट नहीं दी गई क्योंकि उन्होंने पहले ही पार्टी विरुद्ध बग़ावत की थी और उनको इस दुव्र्यवहार के लिए निरस्त कर दिया गया था।
अमृतसर के लिए पंजाब कांग्रेस ने 85 वार्डों के लिए 80 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।
सोमवार को अपनी पहली सूची जारी करते हुये पार्टी ने ऐलान किया था कि वह मौजूदा कौंसलरों को छोड़ कर एक परिवार -एक टिकट के नियमों का पालन करेगी। पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि यह बागियों के विरुद्ध कड़ा रूख अपनायेगी।

यह फ़ैसला सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता अधीन एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया था। नई दिल्ली में हुई इस मीटिंग में सुनील जाखड़, ए.आई.सी.सी. के सचिव और पंजाब की इंचार्ज आशा कुमारी और ए.आई.सी.सी के सचिव हरीश चौधरी भी उपस्थित थे।

मीटिंग में फ़ैसला किया गया कि 2012 और 2014 में पार्टी छोडऩे वालों को एम.सी. चुनावों में टिकट नहीं दी जायेगी परंतु जिन्होंने पहले एम.सी. चुनाव लड़े और हार गए थे उनको पार्टी के प्रति वफ़ादारी निभाने के लिए टिकटों देने के लिए विचार किया जायेगा।

पार्टी के प्रवक्ता के अनुसार इस फ़ैसले का उद्देश्य वफ़ादारी को उत्साहित करना और पार्टी सदस्यों के मनोबल को बढ़ाना है। यह भी फ़ैसला किया गया कि दूसरे पार्टियाँ से कांग्रेस में शामिल हुए लोगों पर कांग्रेस के मूल सदस्यों को प्राथमिकता दी जायेगी।
प्रवक्ता के अनुसार पंजाब विधान सभा चुनावों दौरान टिकटों के वितरण संबंधी पार्टी की नीति में कोई बदलाव नहीं लाया जायेगा। फरवरी की विधान सभा चुनावों में कांग्रेस की सफलता ने यह साबित कर दिया था कि योग्यता और जीतने का सामथ्र्य ही उम्मीदवार के चयन के लिए सही सोच है।

Date: 
Wednesday, December 6, 2017