मुख्यमंत्री द्वारा लुधियाना में धमाके के कारण धवस्त हुई फैक्ट्री वाले स्थान का दौरा

Author(s): 

मारे गए व्यक्तियों के लिए एक्स-ग्रेशिया की घोषणा
पटियाला के डिवीजऩल कमिशनर हादसे की जांच करके जि़म्मेदारी तय करेंगे
लुधियाना, 21 नवंबर, 2017: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लुधियाना में फैक्ट्री के ढह जाने से हुए नुक्सान की दुखद घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए पटियाला के डिविजऩल कमिशनर से इसकी विस्तृत जांच करवाने और हादसे में मारे गए व्यक्तियों के लिए मुआवज़े की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दर्दनाक घटना के सभी पक्षों की जांच की जायेगी और यह भी देखा जायेगा कि कैमिकल को स्टोर करके फैक्ट्री के मालिक ने कानूनों का उल्लंघन किया है या नहीं।
आज यहां घटनास्थल का दौरा करके राहत और बचाव कार्य की जानकारी लेने के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण नियमों संबंधी उल्लंघनों का भी जांच के दौरान पता लगाया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थिति का जायज़ा लेते हुये जि़ला अथॉरिटी को बचाव और राहत कार्यो में तेज़ी लाने के लिए कहा। पीडि़त परिवारों के सदस्यों को सांत्वना देते हुये उन्होंने कहा कि मलबे के नीचे अभी भी दबे हुए व्यक्तियों को ढूंढने के प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ स्थानीय निकाय, पर्यटन और सांस्कृतिक मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस घटना में मारे गए व्यक्तियों के परिवारों को मुआवज़ा देने का भी ऐलान किया जोकि आग लगने के बाद एक धमाका होने के कारण घटा। इस हादसे में मारे गए चार फायरमैन और एक सैनेटरी इंस्पेक्टर को 10 -10 लाख रुपए एक्स-ग्रेशिया अनुदान के तौर पर दिए जाएंगे। इसमें राज्य सरकार और नगर निगम द्वारा 50 -50 प्रतिशत का योगदान दिया जायेगा। इसके साथ ही करूणा के आधार पर प्रत्येक परिवार के एक -एक सदस्य को नौकरी भी दी जायेगी। इस घटना में 5 साधारण नागरिक भी मारे गए हैं। उनके परिवारों को 2-2 लाख रुपए का एक्स-ग्रेशिया अनुदान दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस घटना के संबंध में लापरवाही करने वाले प्रत्येक अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सूबे में दमकल सेवाएं पर्याप्त नहीं हैं जो सरकार के ध्यान में है और इनको मज़बूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष डायरैक्टोरेट ऑफ फायर सर्वसिज़ की स्थापना की गई है और 69 दमकल गाडिय़ां खरीद कर नगर निगमों और नगर कौंसिलों को दीं गई हैं। उन्होंने कहा कि 27 अन्य दमकल गाड़ीयां खरीदीं जा रही हैं जो दिसंबर तक पहुंच जाएंगी। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि नया फायर सेफ्टी एक्ट बनाया जा रहा है जो दिसंबर तक बन कर तैयार हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरैक्टोरेट ऑफ फायर सर्वसिज़ और नये एक्ट से अनाधिकृत इमारतें और आग की रोकथाम के लिए ज़रुरी नियमों का पालन न करने वालों पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि फायर स्टेशनों के लिए उपयुक्त साजो-समान फायर डायरैक्टोरेट के अधीन मुहैया होगा जिसका नेतृत्व आई.पी.एस. अधिकारी करेगा।
इससे पहले हेलीपैड पर लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर और कमिश्नर ऑफ पुलिस ने मुख्यमंत्री को समूचे घटनाक्रम संबंधी जानकारी दी।
इस दौरान एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस दुखद घटना में मारे गए 11 व्यक्तियों में से 10 की पहचान की जा चुकी है जिनमें सरमोहन गिल (सब फायर अफ़सर), पूर्ण सिंह (लिडिंग फ़ायरमैन), राजन सिंह (फायरमैन), विशाल कुमार, इंदरपाल सिंह, पाल टैक्सी वाला, लक्ष्मण द्राविड़ (पठानकोट में तैनात चीफ़ सैनेटरी इंस्पेक्टर), संदीप सिंह (फैक्ट्री वर्कर), बलदेव राज (फैक्ट्री वर्कर), अमरजोत और घनईया शामिल हैं।
घायलों में रोहित कुमार और सुनील कुमार भी शामिल हैं जो सी.एम.सी. लुधियाना में उपचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नर को अस्पताल में दाखि़ल घायलों के निशुल्क ईलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Date: 
Tuesday, November 21, 2017