कमलेश भारतीय की एक काव्य रचना
राजा को पसंद नहीं
ऊंची आवाज
या फिर विरोधी सुर !
राजा की पसंद है
दंडवत लोग
झुके हुए लोग
तारीफें करती जनता !
राजा को पसंद है
अपनी वाह-वाह
राजा को पसंद है
अपनी मनमानी !
राजा को पसंद है
अपनी आवाज
और अपने ही
मन की बात !
राजा को पसंद है
खूबसूरत और महंगे सूट
राजा को पसंद है
अपने ही अनेक रूप !
राजा के बारे में कोई बात न कहो
राजा है बहुत मगरूर !
इसलिए चुपचाप
राजा की शान में कसीदे पढ़ो
और जो चाहो
वह ले लो !
इतना जान लो
राजा राजा होता है
कभी कोई बच्चा ही
कह सकता है कि
राजा आप नंगे हो
पर आप नन्हे बच्चे नहीं हो
समझदार हो
और जानते हो कि
समझदार लोग
सदा खामोश रहते हैं !
इसलिए समझदार बनो
और चुप रहो !