चुनाव महाभारत में शंखनाद 

चुनाव महाभारत में शंखनाद 

-*कमलेश भारतीय
हरियाणा विधानसभा चुनाव हो और महाभारत का जिक्र न हो, ऐसा तो हो नहीं सकता ! पानीपत की लड़ाइयों की बात कुछ और है लेकिन कुरूक्षेत्र में महाभारत का कोई मुकाबला नहीं ।  कुरूक्षेत्र में धर्म अधर्म के बीच लड़ाई हुई और श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश बीच युद्धभूमि के ही दिया । 
अब ये पुरानी गाथा है । नयी लिखते हैं  कहानी ! हरियाणा के चुनावी महाभारत के श्रीगणेश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरूक्षेत्र को ही चुना, यहां से शंखनाद करने के लिए । बहुत सारी घोषणायें और विपक्ष, मुख्य तौर पर कांग्रेस पर तीर छोड़ने के लिए, इससे बेहतर कोई मैदान न होता, न है । बहुत सारे बाण छोड़े जैसे पूरी आज के जमाने की ए के 47 ही खाली कर दी हो । 
प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस के वादे याद दिला रहे हैं और कह रहे हैं कि वादे मुताबिक आठ आठ हज़ार खाते में नहीं आये। है न कमाल । अभी तक आमजन पंद्रह पंद्रह लाख की इंतज़ार में बैठे हैं और आठ हज़ार किसको चाहिएं, जब पंद्रह लाख मिलने वाले हों ? आप कह रहे हैं कि कांग्रेस अपने राज्यों में किसानों को एमएसपी दे दे तो आपने किसान आंदोलन समाप्त करवाते समय यह वादा किया था कि बाद में इस पर विचार करेंगे तो आपने क्या कदम उठाये ? हिमाचल, कर्नाटक में कांग्रेस सरकारों की बड़ी चिंता है और क्या आपने हिमाचल में कांग्रेस सरकार चलाने के लिए ऑपरेशन लोट्स नहीं चलाया ? कोई विपक्षी सरकार आपको सहन क्यों नहीं होती ? महाराष्ट्र की अघाड़ी सरकार गिराकर ही कुछ चैन मिला । कितनी विपक्षी सरकारें गिराईं? राजस्थान की गिराते रह गये, सफल नहीं हो पाये । कितनी गारंटियां दे रहे हैं आप महामना । एक गारंटी संविधान अनुसार सरकारें चलाने की भी दे दीजिए । कम से कम कांग्रेस का संविधान बचाओ नारा तो खत्म कर दीजिए, महामना । कांग्रेस में बहुत दोष हैं लेकिन उन कांग्रेसियों में नहीं, जिन्हें दलबदल करवाकर भाजपा में शामिल कर, जैसे गंगास्नान करवा देते हो । ऐसा डिट्रजेंट कहां से लाते हो? इधर भाजपा में आये, उधर सात खून माफ? अब हरियाणा में इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है । सबसे धनी महिला रुकी नहीं भाजपा में, निर्दलीय चुनाव में कूद गयीं सावित्री जिंदल । क्या इससे पहले इतने प्रत्याशियों ने भाजपा से बगावत की? यह आपका विचारधारा से हटकर अवसरवादी रुख अपनाने का परिणाम सामने है, महामना । हरियाणा की महिला पहलवानों को यदि यौन शोषण के विरोध में धरने पर बैठने के बाद यदि कोई गारंटी दे दी होती तो आज विनेश फौगाट जुलाना से चुनाव महाभारत में न होती । द्रौपदी की तरह विनेश के बाल जो ओलम्पिक में कटे, वही चुनाव के बाद बढ़ेंगे ! गोहाना, मिर्चपुर कांडों की याद ताज़ा करवा दी, यही चुनाव का धर्म है । दिल्ली से कोलकाता तक निर्भया कांड के बारे में भी कुछ रोशनी डाल जाते आप । जवानों को अग्नि वीर योजना क्यों दी, बताते जाते आप । किसानों की राह में कील क्यों, बता देते आप । गणेश उत्सव पर मुख्य न्यायाधीश के जाने की आलोचना पर विपक्ष कठघरे में क्यों ? किसी ने कार्टून बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि कहा जा रहा है अरविंद केजरीवाल को कि तुम्हारी जमानत की बात करने गया था, गणेश पूजा में । अब ये तो राम जाने पर काॅर्टून काॅर्टून है, इस पर क्या कहें! दुष्यंत कुमार के शब्दों में :
यहां गूंगे और बहरे लोग बसते हैं
जाने कैसे यहां जलसा हुआ होगा!!

-*पूर्व उपाध्यक्ष, हरियाणा ग्रंथ अकादमी ।