होलिया में उड़े रे गुलाल‌

चुनाव महाभारत : तीरण पे चलने लगे तीर 

होलिया में उड़े रे गुलाल‌

-*कमलेश भारतीय
लोकसभा चुनाव की महाभारत शुरू हो गयी है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव के महाभारत का शंखनाद कर दिया है और सत्ता व विपक्ष अपने अपने तीर चलाने शुरु कर चुके हैं । अब महाभारत है तो तीर ही तो चलेंगे न‌ ! एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो दूसरी तरफ राहुल गाधी एक दूसरे पर तीरण पे तीर  छोड़ रहे हैं । वैसे भी होली के दिन हैं और गुलाल उड़ना स्वाभाविक है । होलिया में उड़े रे गुलाल तो चुनाव में‌ चलें दोषारोपण के तीर ! 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यंग्य बाण इस बार कुछ अंग्रेज़ी पुट लिए हुए हैं -जैसे हमने यानी भाजपा ने स्कीमें चलाईं और कांग्रेस ने स्कैम दिये ! है न अंग्रेज़ीनुमा हिंदी, जो आम जनता को सीधे समझ आ जाये ! फिर आज ही तमिलनाडु में कहते सुनाई दे रहे हैं कि कांग्रेस का एजेंडा यूज करो और थ्रो करो ! 
अब राहुल गांधी की भी सुन लीजिये कि वे क्या कहते हैं ! राजा की आत्मा ईवीएम, ईडी और सीबीआई में बसती है ! और यह भी कह रहे हैं कि भाजपा आज देश में भ्रष्टाचार की मोनोपली बन गयी है । इस तरह दोनों पक्ष अपने अपने तरकश से नये नये तीर चला रहे हैं । यहां तक कि प्रधानमंत्री का सबसे प्रिय आरोप है और हर बार होता है कि कांग्रेस और परिवारवाद एक ही सिक्के के दो पहलू हैं ! याद है न आपको पिछले लोकसभा चुनाव का बढ़िया तीर-टू जी, थ्री जी और जीजा जी ! यह परिवारवाद के साथ घोटालों पर तीर चलाया गया था ! मोदी आंध्र प्रदेश में कहते हैं कि कांग्रेस और जगन दोनों ही  परिवारवाद से ग्रस्त हैं। इस तरह परिवारवाद के तीर को आंध्रप्रदेश में भी चला दिया । 
इधर राहुल गाँधी की न्याय यात्रा भी मुम्बई में संपन्न हो गयी पर इस यात्रा के बीच कुछ बड़े नेता कांग्रेस छोड़ गये तभी तो प्रधानमंत्री मोदी ने तीर चला दिया कि वे तोड़ना जानते हैं और मैं जोड़ना जानता हूँ । अब फिर से नफरत और मोहब्बत की दुकानों में महाभारत छिड़ गयी है । बस, एक ही दुआ है कि इस जंग में कम से कम 'गुजरात के गधे' जैसी गिरावट न आ जाये। बाकी सब जायज है जंग और मोहब्बत में ! 
दुश्मनी जम कर करो लेकिन 
इतनी गुंजाइश रहे कि फिर मिलें तो शर्मिंदा न हों‌!
-*पूर्व उपाध्यक्ष, हरियाणा ग्रंथ अकादमी।