खेल के साथ-साथ कला के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है हरियाणाः खेल मंत्री गौरव गौतम

एमडीयू में हरियाणा फिल्म महोत्सव 2025 का शुभारंभ।

खेल के साथ-साथ कला के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है हरियाणाः खेल मंत्री गौरव गौतम

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा फिल्म महोत्सव एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन है, जो न केवल हरियाणा की संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश की प्रतिभाओं को भी नई पहचान देगा। यह उद्गार हरियाणा के युवा सशक्तिकरण और उद्यमिता, खेल मंत्री गौरव गौतम ने एमडीयू के टैगोर सभागार में हरियाणा फिल्म महोत्सव 2025 का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किए।

 

खेल मंत्री गौरव गौतम ने बतौर मुख्यातिथि सिने फाउंडेशन, हरियाणा (विश्व संवाद केन्द्र) तथा मदवि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन हुए हरियाणा की फिल्म इंडस्ट्री के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने की राह प्रशस्त करेंगे और इससे जुड़े फिल्म कलाकार, निर्माता, निर्देशक समेत अन्य लोगों को भी रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

 

खेल मंत्री गौरव गौतम ने इस अवसर पर युवाओं को नशे से बचने के लिए खेल व कला से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने एमडीयू में खेल मंत्रालय द्वारा एक्सीलेंस सेंटर बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि यह सेंटर आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इस फिल्म महोत्सव के लिए भी 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। खेल मंत्री ने इस फिल्म महोत्सव की स्मारिका का विमोचन करते हुए अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में महान अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

 

अध्यक्षीय संबोधन में एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि फिल्में न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि वे समाज में सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख अनिल कुमार ने सकारात्मक फिल्में बनाने पर फोकस की बात करते हुए कहा कि फिल्मों के जरिए समाज की समस्याओं के समाधान को खोजें। उन्होंने हरियाणा के इतिहास से जुड़े अहम पहलुओं व घटनाओं को सिनेमा के द्वारा सामने लाने की बात पर बल दिया।

 

प्रतिष्ठित पटकथा लेखिका अद्वैता काला ने अपने संबोधन में कहा कि फिल्मों के जरिए पटकथा को मंच पर ला सकते हैं और दर्शकों के साथ अपने विचार साझा कर सकते हैं। विशिष्ट अतिथि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी ने कहा कि नाटक समाज को आईना दिखाता है और सिनेमा को संवेदनशील बनाता है। विशिष्ट अतिथि राजेश जैन ने कहा कि फिल्में कल्पनाओं को आकार देती हैं और समाज पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

 

विश्व संवाद केन्द्र, हरियाणा के अध्यक्ष डा. मार्कण्डेय आहूजा ने अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि यह फिल्म उत्सव हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री को नई दृष्टि देने का कार्य करेगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्व संवाद केन्द्र के सचिव राजेश कुमार ने इस दो दिवसीय फिल्म महोत्सव की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। प्रतिष्ठित हरियाणवी संस्कृतिकर्मी पद्मश्री महावीर गुड्डू ने कार्यक्रम के प्रारंभ में शंखनाद किया। एमडीयू के संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डा. रवि प्रभात ने अतिथियों का परिचय दिया।

 

इस दौरान भारतीय चित्र साधना के सचिव अतुल गंगवार, हरियाणा फिल्म आयोजन समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर, उपाध्यक्ष हरिओम कौशिक, सचिव डा. राकेश योगी समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य, एमडीयू के डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान, कुलसचिव डा. कृष्णकांत, डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा, निदेशक युवा कल्याण डा. प्रताप राठी, पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार सहित अन्य अधिकारी, प्राध्यापक, विद्यार्थी, प्रतिष्ठित हरियाणवी संस्कृति कर्मी डा. महासिंह पूनिया, रघुवेन्द्र मलिक, मनीष सैनी सहित हरियाणा के कलाकार, निर्माता-निर्देशक एवं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग, शहर के गणमान्य जन मौजूद रहे।

 

हरियाणा फिल्म महोत्सव 2025 के पहले दिन दो मास्टर क्लास का आयोजन किया गया। प्रथम मास्टर क्लास- स्क्रिप्ट टू सिनेमा विषय पर केन्द्रित रही, जिसका संचालन प्रतिष्ठित पटकथा लेखिका अद्वेता काला, भारतीय चित्र साधना के सचिव अतुल गंगवार और प्रतिष्ठित निर्माता-निर्देशक मनीष सैनी ने किया। दूसरी मास्टर क्लास- हरियाणवी संस्कृति के विकास में गीत-संगीत की भूमिका विषय पर केन्द्रित रही, जिसका संचालन प्रतिष्ठित संस्कृति कर्मियों- महावीर कौशिक, पद्मश्री महावीर गुड्डू तथा महासिंह पूनिया ने किया। 

महोत्सव के पहले दिन तीन सत्रों में हरियाणवी फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें विशेष तौर पर उड़ान, ब्रेनरोट, हरीगंगा, स्क्रीन का नशा, चौ. कौशल सिंह दहिया, द डिजिटल पैराडोक्स, वीर, ठाठ हरियाणा के, ग्राम विकास, शहीद, जीन्द, तमाश, आज से अभी से, महेन्दगढ़- ए जर्नी थ्रू हिस्ट्री, शिक्षा की शक्ति, जोहड़ एक धरोहर, सोशल जाट, हाली की थाली, कलाकार-एक जरिया, सूरजकुंड, लडक़ो को भी टोको, चुल्हा, गौरवशाली हरियाणा व सेवा परमो धर्म प्रमुख रही। इसके अलावा स्पेशल स्क्रीनिंग में- बकरी और भोगा भगत फिल्म को प्रदर्शित किया गया।

 

टैगोर सभागार की गैलरी में हरियाणवी फिल्मों से संबंधित पोस्टर प्रदर्शनी दर्शकों के विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। इस पोस्टर प्रदर्शनी में हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री की गौरवशाली विकास यात्रा को दर्शाया गया है। पोस्टर प्रदर्शन में हरियाणवी फिल्मों के पोस्टर तथा हरियाणा के प्रतिष्ठित अभिनेताओं, निर्माता-निर्देशकों एवं कलाकारों के फोटो को प्रदर्शित किया गया है।