दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बनी हरियाणा की खेल नीतिः मंत्री कृष्ण कुमार बेदी
सीएम नायब सिंह सैनी ने खेल बजट में की बढ़ोतरी।

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा देश का स्पोर्ट्स हब है। बेहतरीन खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा प्रदेश ने दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की प्रगतिशील खेल नीति की वजह से पूरे विश्व में हरियाणा का नाम है। हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने रविवार को एमडीयू के डॉ मंगल सेन इंडोर जिम्नेजियम हाल में आयोजित शहीद ए आजम भगत सिंह मेमोरियल इंडिया, रसिया, उज़्बेकिस्तान बेल्ट रेसलिंग प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि यह उद्गार व्यक्त किए।
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने खिलाडिय़ों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में हरियाणा में बेल्ट रेसलिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की खेल नीति दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुकी है। मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि हाल ही में खेल बजट में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खिलाड़ी बीमा योजना सहित कई तरह की नई योजनाओं का ऐलान बजट में किया है। साथ ही, खिलाडिय़ों की छात्रवृत्ति व डाइट मनी भी बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के अनुरूप प्रदेश की 5 यूनिवर्सिटी में स्पोट्र्स एक्सीलेंस सेंटर भी बनेंगे।
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि रोहतक की एमडीयू, हिसार की चौ. चरण सिंह व जीजेयू, कुरुक्षेत्र तथा रेवाड़ी के इंदिरा गांधी विवि में नए खेल उत्कृष्टता केंद्र खोले जाएंगे। वर्ष 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए ‘मिशन ओलंपिक-2036 विजयीभव’ योजना के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 20 करोड़ का प्रावधान किया है। साथ ही, ओलंपिक खेलों में 36 पदक हासिल करने का लक्ष्य भी रखा है। शहीदी दिवस के अवसर पर शहीदों को नमन करते हुए मंत्री कृष्ण लाल बेदी ने कहा भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका बलिदान आज भी हमें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और देशभक्ति के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। कुलपति ने मंत्री बेदी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने उज़्बेकिस्तान तथा रसिया एंबेसी के उच्च अधिकारियों को भी सम्मानित किया।