विश्व क्षयरोग दिवस के उपलक्ष्य में इंटरेक्टिव टॉक आयोजित

रोहतक, गिरीश सैनी। टीबी को खत्म करने की प्रतिबद्धता के उद्देश्य से सोमवार को एमडीयू के फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग और यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ साइंसेज द्वारा विश्व क्षयरोग दिवस के उपलक्ष्य में- यस, वी कैन एंड टीबी: कमिट, इन्वेस्ट एंड डिलीवर विषयक इंटरेक्टिव टॉक का आयोजन किया गया।
एम्स के पूर्व प्रोफेसर तथा आईएनसीएलईएन ट्रस्ट इंटरनेशनल, नई दिल्ली के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रतिष्ठित चिकित्सक प्रो. नरेंद्र के. अरोड़ा ने बतौर मुख्य वक्ता अपने संबोधन में टीबी के इतिहास, टीबी के विभिन्न रूपों, टीबी से प्रभावित विभिन्न अंगों और टीबी की रोकथाम में पोषण की भूमिका के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि टीबी की रोकथाम और प्रबंधन तथा टीबी रोगियों को पोषण, निदान और व्यावसायिक सहायता प्रदान करने में भारत सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है, जैसे कि निक्षय मित्र पहल। प्रो. अरोड़ा ने टीबी के अधिक विश्वसनीय निदान को सुनिश्चित करने के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दिए।
फार्मास्युटिकल साइंसेज विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक कौशिक ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया और विश्व क्षयरोग दिवस के बारे में जानकारी दी। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ साइंसेज के निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग ने विश्व क्षयरोग दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। डा. अभिलाषा ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान पर फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग समेत फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।