पत्रकारिता सामाजिक मिशन के तौर पर लेने की जरूरतः प्रो. पिताबस प्रधान

संवाद कार्यक्रम में पत्रकारिता के नूतन रुझान जाने विद्यार्थियों ने।

पत्रकारिता सामाजिक मिशन के तौर पर लेने की जरूरतः प्रो. पिताबस प्रधान

रोहतक, गिरीश सैनी। टेक्नोलोजी-उन्मुख युग में सामाजिक सरोकार उन्मुख पत्रकारिता को बरकरार रखना एक चुनौती है। जरूरत है कि पत्रकारिता तथा पत्रकार संवेदी बनें। एमडीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में आयोजित संवाद कार्यक्रम में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रो. पिताबस प्रधान ने यह उद्गार व्यक्त किए।


प्रो. पिताबस प्रधान ने कहा कि पत्रकारिता एवं जनसंचार क्षेत्र में टेक्नोलॉजी से कदमताल करना तो जरूरी है, पर टेक्नोलोजी को मास्टर बनाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता सामाजिक मिशन के तौर पर लिया जाना चाहिए।


इस संवाद कार्यक्रम में गुरू जंभेश्वर विवि, हिसार के प्रो. विक्रम कौशिक ने कहा कि टेक्नोलोजी अब मनुष्य के स्थान पर कंटेंट क्रिएशन तथा न्यूज प्रोडक्शन का कार्य भी करने लगी है। ऐसे में पत्रकारिता के विद्यार्थियों से इन टेक्नोलॉजी जनित चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार करना होगा।


विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार ने इस संवाद कार्यक्रम की भूमिका रखी तथा अतिथि वक्ताओं का स्वागत किया। प्रो. हरीश कुमार ने कहा कि इस संवाद कार्यक्रम के जरिए पत्रकारिता एवं जनसंचार के नूतन रुझानों से विद्यार्थी अवगत होंगे। उन्होंने नॉलेज अपग्रेडेशन तथा स्किल डेवलपमेंट के महत्व को इंगित किया।


कार्यक्रम संचालन शोधार्थी प्रिया ने किया। आभार प्रदर्शन राजकीय पीजी नेहरू महाविद्यालय, झज्जर की प्राध्यापिका डा. कविता दहिया ने किया। इस दौरान प्राध्यापक सुनित मुखर्जी, डा. नवीन कुमार, डा. अमित भारद्वाज, शोधार्थी व विद्यार्थी मौजूद रहे।