एमडीयू के फूड स्टार्टअप डैफटेरिया ने राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित- पर्पल फेस्ट में भाग लिया

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू का समावेशी फूड स्टार्टअप डैफटेरिया ने राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित- पर्पल फेस्टिवल में शामिल होकर प्रभावी उपस्थिति दर्ज करवाई।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस समावेशी उद्यमिता पर्व में एमडीयू के सेंटर फॉर इन्नोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा प्रारंभ किया गया पहला स्टार्टअप डैफटेरिया (जो कि एमडीयू कैंपस में स्थापित किया गया है) जो विशेष रूप से मूक एवं बधिर जन को स्वरोजगार तथा स्वावलंबन के लिए प्रेरित कर रहा है, विजिटर्स के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया।
एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्षा डा. शरणजीत कौर, पैरालंपिक मेडलिस्ट पद्मश्री दीपा मलिक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव राजेश अग्रवाल आईएएस, कुलसचिव डा. कृष्णकांत की गरिमामयी उपस्थिति इस पर्पल फेस्ट के डैफटेरिया फूड स्टॉल पर रही।
उल्लेखनीय है कि पर्पल फेस्ट में पूरे भारत से केवल 10 फूड आउटलेट्स चयनित किए गए हैं। एमडीयू एलुमना पदमाजय के आइडिया पर केंद्रित डैफटेरिया को विवि एलुमनाई एन्त्रोप्रोनियरस साहिल तथा मंदीप ने मूर्त रूप दिया। निदेशक आईएचटीएम प्रो. आशीष दहिया इस परियोजना के मेंटर हैं। वहीं, निदेशक सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एन्त्रोप्रोनियरशिप प्रो. राहुल ऋषि के नेतृत्व में इस स्टार्टअप की स्वीकृति तथा शुरुआत हुई। एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म तथा सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज के विद्यार्थी इस फूड स्टार्टअप के साथ कार्य कर रहे हैं।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि डैफटेरिया फूड ट्रक स्टार्टअप विवि की प्रगति यात्रा का महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि विवि के समावेशी, भविष्योन्मुखी सोच, नवाचार तथा उद्यमिता उन्मुखता तथा स्किल आधारित शिक्षण प्रणाली को परिलक्षित करता यह स्टार्टअप समाज-राष्ट्र में एक मिसाल प्रस्तुत कर रहा है।