एक दिवसीय नेशनल ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू की ह्यूमन एथिक्स कमेटी (एचईसी) द्वारा चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के कमेटी कक्ष में- रिसेंट अपडेट्स ऑन एथिक्स इन बायोमेडिकल, स्टेम सेल रिसर्च एंड गुड क्लीनिकल प्रैक्टिस इन इंडिया विषय पर एक दिवसीय नेशनल ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
फोरेंसिक साइंस तथा जेनेटिक्स विभाग के सहयोग से आयोजित इस एक दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रारंभ में कार्यशाला कोऑर्डिनेटर डा. राजविंदर सिंह ने स्वागत भाषण दिया। जिसके बाद डीन, आर एंड डी प्रो. हरीश दूरेजा ने संबोधन किया। भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, एनईसीआरबीएचआर से वैज्ञानिक डॉ. सुजाता सिन्हा ने स्वास्थ्य अनुसंधान में नैतिकता अद्यतन विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। नई औषधि और क्लीनिकल परीक्षण नियम, 2019 विषय पर दूसरे सत्र को एचईसी-एमडीयू के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, झज्जर के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. एम.सी. गुप्ता ने विशेष व्याख्यान दिया।
पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ध्रुव चौधरी ने- जीसीपी विद रेफरेंस टू सीरियस एडवर्स इवेंट्स विषय पर विशेष व्याख्यान पीजीआईएमएस, रोहतक की प्रो. सविता वर्मा ने ‘नैतिक समीक्षा प्रक्रिया और सूचित सहमति’ पर बात रखी। नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर, गुरुग्राम के डॉ. पंकज सेठ ने ‘स्टेम सेल एडवांसमेंट्स एंड रिसर्च गाइडलाइन्स’ विषय पर अंतिम सत्र में संबोधन किया। डॉ. महक डांगी ने मंच संचालन किया।
आईसीएससीआर, नई दिल्ली के चेयरपर्सन- प्रो. आशू ग्रोवर, कार्यशाला के संयोजक प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, डॉ. नीलकमल और आयोजन सचिव डॉ. सपना शर्मा और डॉ. मुकेश तंवर समेत एमडीयू के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा एचईसी सदस्य कार्यशाला में शामिल हुए।