प्रिंट मीडिया आज भी प्रासंगिक हैः परवीन के. मोदी
न्यूज़ प्रोडक्शन एंड कंटेंट क्रिएशन कार्यशाला आयोजित।

रोहतक, गिरीश सैनी। समाचार संकलन तथा समाचार लेखन एक कला है। बेहतरीन समाचार लेखन के लिए अभ्यास की जरूरत है। साथ ही, समाचार संबंधित समझ विकसित करने के लिए समाचार पत्रों, समाचार पत्रिकाओं तथा पुस्तकों का अध्ययन जरूरी है। प्रतिष्ठित मीडिया कर्मी, पूर्व संपादक (द इंडियन एक्सप्रेस, पायनियर) परवीन के. मोदी ने ये उद्गार एमडीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में आयोजित- न्यूज प्रोडक्शन एंड कंटेंट क्रिएशन कार्यशाला में बतौर विशेष वक्ता व्यक्त किए।
प्रतिष्ठित मीडिया कर्मी परवीन के. मोदी ने न्यूज प्रोडक्शन के लिए जरूरी बातों की विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा कि समाचार को अंतिम रूप देने से पूर्व सभी संबंधित तथ्यों की पुष्टि अवश्य कर ले। उन्होंने कहा कि आज भी प्रिंट मीडिया की प्रासंगिकता है। न्यूज बैकग्राउंडर तथा न्यूज एनालिसिस के महत्व पर भी आमंत्रित वक्ता ने प्रकाश डाला। विद्यार्थियों से पारस्परिक संवाद भी कार्यक्रम में हुआ।
विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार ने कहा कि कंटेंट क्रिएशन एक कला है। उसमें सफलता प्राप्त की जा सकती है। जरूरत है कि विद्यार्थीगण भाषायी कौशल के साथ-साथ समाचार प्रस्तुतिकरण की बारीकियां भी सीखें।
कार्यशाला के प्रारंभ में प्राध्यापक सुनित मुखर्जी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को न्यूज़ सेंस विकसित करनी होगी। जरूरत है कि विद्यार्थी गंभीरता से समाचार की समझ विकसित करें। प्राध्यापक डा. नवीन कुमार ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक तथा डिजीटल मीडिया में कंटेंट सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल विकसित करने का परामर्श डा. नवीन कुमार ने दिया। आमंत्रित विशेष वक्ता परवीन के. मोदी का विस्तृत परिचय शोधार्थी प्रिया ने दिया।
इससे पूर्व, गत दिवस परवीन के. मोदी ने विभाग के शोधार्थियों से इंटरेक्शन किया। न्यूज लेटर प्रोडक्शन के अमूल्य टिप्स उन्होंने शोधार्थियों को दिए। इस दौरान राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज, झज्जर की सहायक प्रोफेसर डा. मीनू, लालनाथ हिन्दू कॉलेज, रोहतक के सहायक प्रोफेसर डा. सुमित सहित विभाग के शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।