एआई की कृत्रिमता के मुकाबले थिएटर एक वास्तविक, जीवंत कला हैः नाट्यकर्मी समीप सिंह

एमडीयू में थिएटर उत्सव- रंग रास।

एआई की कृत्रिमता के मुकाबले थिएटर एक वास्तविक, जीवंत कला हैः नाट्यकर्मी समीप सिंह

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में थिएटर उत्सव- रंग रास का शानदार शुभारंभ राधाकृष्णन सभागार में नाटक-चेकमेट के प्रभावी मंचन से हुआ।

रंग महोत्सव इवेंट के नाट्य रंग- रंग रास की पहली नाट्य प्रस्तुति मीरा कल्चर सोसायटी के तत्वावधान में लेखक एंटन चेखव द्वारा लिखित नाटक चेकमेट रही। प्रतिष्ठित रंग कर्मी सोनू रांझिया द्वारा निर्देशित इस नाटक ने मानव मन के विचलन- फिसलन का बखूबी चित्रण किया।

चेक मेट के किरदारों ने झूठे प्रेम तथा सच्चे प्रेम के अंतर्विरोध तथा जीवन की विसंगतियों का खूबसूरत चित्रण किया। प्रेम के मायाजाल में फंसाने वाले किरदार को बेनकाब करते हुए दांपत्य जीवन की संतुष्टि को इस नाटक ने प्रतिबिंबित किया। पार्श्व संगीत तथा मद्धिम रोशनी ने नाटक को और मनमोहक बना दिया। विक्की, सुख्खी तथा जस्सी के त्रिकोण ने जीवन में प्रेम के मायने को परिभाषित किया।

रंग रास के संयोजक प्रो. हरीश कुमार ने रंग रास इवेंट के आयोजन उद्देश्य तथा हरियाणा एवं भारत में नाट्य परंपरा पर प्रकाश डाला। रंग महोत्सव संयोजक डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा ने स्वागत भाषण किया। मंच संचालन शोधार्थी प्रिया ने किया।

मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने नाटक को अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने जीवन में भावनाओं, संवेदनाओं की कलात्मक अभिव्यक्ति नाटकों के जरिए संभव है। एमडीयू विद्यार्थियों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान थिएटर कार्यशाला आयोजित करने की घोषणा कुलपति ने की।

रंग रास में विशिष्ट अतिथि एनएसडी एलुमनस, प्रतिष्ठित नाट्यकर्मी समीप सिंह ने कहा कि थिएटर कालजयी है। एआई की कृत्रिमता के मुकाबले थिएटर एक वास्तविक, जीवंत कला है। टेक्नोलोजी मानवीय संवेदनाओं, भावनाओं के इस शानदार मंच थिएटर का स्थान नहीं ले सकती।

आभार प्रदर्शन निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने किया। भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्षा डा. शरणजीत कौर, कुलसचिव डा. कृष्णकांत, चीफ वार्डन गर्ल्स प्रो. सपना गर्ग, डीन सीडीसी प्रो. विनीता हुड्डा सहित विवि प्राध्यापक एवं कर्मी, शोधार्थी, विद्यार्थी, सेवानिवृत प्राध्यापक और शहर के नाट्य प्रेमी नागरिक मौजूद रहे।