यूजीसी की समिति ने परखी जीएनडीयू में दिव्यांग जनों को मिलने वाली सुविधाएं

यूजीसी की समिति ने परखी जीएनडीयू में दिव्यांग जनों को मिलने वाली सुविधाएं

अमृतसर, 27 फरवरी, 2025: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के परिसर का भौतिक निरीक्षण कर दिव्यांग विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कार्मिकों को दी जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। इस समिति में बतौर समन्वयक यूजीसी,नयी दिल्ली के संयुक्त सचिव डॉ. जी.एस. चौहान, बतौर विशेषज्ञ इग्नू, नयी दिल्ली से प्रो. प्रमोद मेहरा और बतौर प्रतिनिधि (दिव्यांगजन), दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रो. लोकेश गुप्ता शामिल रहे। उन्होंने विभिन्न विभागों, केंद्रीय पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, स्वास्थ्य केंद्र, अतिथि गृह, छात्रावास, खेल मैदान, आडिटोरियम, लेक्चर थियेटर कांप्लेक्स आदि का भौतिक निरीक्षण किया। समिति ने विश्वविद्यालय के दिव्यांग विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों व गैर शैक्षिक कर्मचारियों के साथ बैठकें कर उनकी समस्याओं को जाना तथा विभिन्न सुझाव प्राप्त किए। समिति ने उन्हें कई तरह की उपयोगी जानकारियां भी दी। समिति ने सभी विभागाध्यक्षों और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से भी इस संदर्भ में बातचीत की। 
गौरतलब की है समिति द्वारा देशभर के 30 विश्वविद्यालयों का दौरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट यूजीसी में जमा करनी है और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर भी इन संस्थानों में शामिल है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगामी समय में दिव्यांग विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कर्मचारियों और अधिकारियों को तेजी से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए यूजीसी की ओर से वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी‌। विश्वविद्यालय की समान अवसर प्रकोष्ठ (दिव्यांग जन) के नोडल अधिकारी और हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुनील ने विश्वविद्यालय द्वारा इस क्षेत्र में उठाए गये जरूरी कदमों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी समिति सदस्यों को दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के यशस्वी उप-कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) करमजीत सिंह के कुशल नेतृत्व और प्रेरणा से दिव्यांग जनों को बाधा मुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध है। माननीय उप-कुलपति दिव्यांग जनों के अधिकारों और उनके संरक्षण के लिए बेहद संवेदनशील हैं। विश्वविद्यालय में पहुंचने पर माननीय उप-कुलपति प्रोफ़ेसर (डॉ.) करमजीत सिंह द्वारा यूजीसी-समिति के सदस्यों का स्वागत व सम्मान किया गया तथा उन्होंने आश्वस्त किया कि समिति के सुझावों, निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस दौरान डीन, अकादमिक मामले प्रो. पलविंदर सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. के.एस. काहलों, नोडल अधिकारी प्रो. सुनील, प्रो. संदीप शर्मा, डॉ. प्रतीक भगत, श्री रोहिन कौशिक, श्री प्रवीण पुरी आदि उपस्थित रहे। प्रो. सुनील ने विश्वविद्यालय-प्रशासन, यूजीसी समिति, आंतरिक समिति के सभी सदस्यों सहित इस निरीक्षण को सफल बनाने में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त किया।